मार्च के महीने में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जन्मदिन पर शक्ति प्रदर्शन के बाद दिल्ली की ओर मार्च करती है। ऐसे समय में जब भाजपा शक्ति प्रदर्शन के दो दिन बाद 4 राज्यों में जीतती है। उत्तराखंड के शपथ ग्रहण समारोह में अमित शाह और नड्डा जिस तरह उन्हें नजरअंदाज करते हैं, राजनीति के पलटते रुख को देख वसुंधरा तुरंत प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगती हैं, पर समय नहीं मिलता। वसुंधरा के माथे पर थोड़ी शिकन नजर आती है और उसके बाद वह दिल्ली में नजर आती हैं इन ख़बरों के साथ कि वह प्रधानमंत्री से मिलने जा रही हैं। ऐसे समय में जब प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया जिन्हें कथित तौर पर दिल्ली से आशीर्वाद प्राप्त है, उनसे वसुंधरा जी की खटपट की खबरें चर्चाओं में हैं, ऐसे समय में जब पार्टी की उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री से मिलने के लिये निर्मला सीतारमण की मदद लेनी पड़ती है, खबरें प्लांट करनी पड़ती है तो सवाल उठता है कि क्या यह कोई रणनीति है, अनुमान है या किसी प्रकार की बेचैनी। जानिये खबरों की खबर के पहले एपिसोड – रानी, बैंड बाजा और चाय वाले से मुलाकात की क्रोनोलोजी।
Is everything right between Vasundhara Raje and Narendra Modi? Did they really declared her face for Rajasthan elections or this is some kind of PR tactics used by Vasundhara? Satish Poonia who is taking head on with Vasundhara in enjoying blessings of Modi, Shah and Sangh. Former CM Vasundhara tried to meet modi in parliament, created huge PR around but she was unable to access him without the help of Nirmala Sitharaman. Is Vasundhara Raje is having a strategy or she is desperate? Watch the episode and understand the chronology.



